PUC यानी Pollution Under Control सर्टिफ़िकेट हर गाड़ी के लिए क़ानूनी रूप से ज़रूरी है। पुलिस चेकिंग में यह न हो तो भारी चालान कटता है, और बीमा रिन्यू कराते समय भी यही माँगा जाता है। Print Portal से PUC की रिक्वेस्ट डालकर सर्टिफ़िकेट प्रिंट किया जा सकता है - ग्राहक को केंद्र के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
PUC क्यों ज़रूरी है
यह प्रमाण है कि गाड़ी से निकलने वाला धुआँ तय सीमा के अंदर है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना वैध PUC के गाड़ी चलाना दंडनीय है। बीमा कंपनियाँ भी पॉलिसी रिन्यू करते समय इसे माँगती हैं, इसलिए हर गाड़ी मालिक को साल में कई बार इसकी ज़रूरत पड़ती है।
PUC बनवाने का तरीक़ा
- पोर्टल में लॉगिन करके PUC Certificate पेज खोलिए।
- गाड़ी का नंबर, चेसिस नंबर के आख़िरी अंक और गाड़ी का प्रकार भरिए।
- ईंधन चुनिए - पेट्रोल, डीज़ल या CNG।
- Submit दबाइए, रिक्वेस्ट लग जाएगी।
- तैयार होने पर My PUC List से सर्टिफ़िकेट डाउनलोड करके प्रिंट कर दीजिए।
कितना समय लगता है
यह इंस्टेंट सर्विस नहीं है। आमतौर पर दस मिनट से दो घंटे तक लगते हैं, कभी-कभी इससे थोड़ा ज़्यादा भी। ग्राहक को यह बात पहले ही बता दीजिए और उसका मोबाइल नंबर ले लीजिए - तैयार होने पर मैसेज कर दीजिए। इससे ग्राहक बार-बार नहीं आएगा और आपका समय बचेगा।
PUC कितने दिन चलता है
नई गाड़ी के लिए पहला PUC आमतौर पर एक साल तक वैध रहता है। उसके बाद ज़्यादातर गाड़ियों के लिए छह महीने की वैधता होती है। तारीख़ सर्टिफ़िकेट पर ही लिखी रहती है, ग्राहक को दिखाकर बता दीजिए ताकि वह समय पर दोबारा बनवाने आए।
आम दिक़्क़तें
- गाड़ी नंबर ग़लत - बिना स्पेस और डैश के भरिए, यही सबसे आम ग़लती है।
- चेसिस नंबर नहीं मिल रहा - यह RC पर लिखा होता है। न मिले तो पहले RC प्रिंट निकालिए, उसी पर से पढ़ लीजिए।
- रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो गई - ग़लत जानकारी या गाड़ी का रिकॉर्ड न मिलने पर ऐसा होता है। ऐसी स्थिति में पूरी रक़म वॉलेट में वापस आ जाती है।
- देर हो रही है - व्यस्त समय में क़तार लंबी होती है, थोड़ा धैर्य रखिए।
दुकान के लिए सलाह
PUC वाले ग्राहक को चालान चेक ज़रूर सुझाइए - कई बार पुराना चालान बकाया निकल आता है और ग्राहक आपका शुक्रगुज़ार होता है। साथ में RC प्रिंट भी पूछ लीजिए। गाड़ी वाला ग्राहक सबसे अच्छा ग्राहक होता है क्योंकि उसे हर छह महीने में दोबारा आना ही है।
PUC Certificate - छोटे में पूरा तरीक़ा
- Login kijiye — Portal me login karke PUC Certificate page kholiye.
- Gaadi detail bhariye — Vehicle number, chassis ke aakhri ank aur gaadi ka prakar bhariye.
- Indhan chuniye — Petrol, diesel ya CNG me se sahi vikalp chuniye.
- Submit kijiye — Submit dabaiye, request lag jayegi.
- Download kijiye — Taiyar hone par My PUC List se certificate download karke print kijiye.